Posts

Showing posts with the label जात धर्म

बेहत्तर जिवन के लिये कौन सबसे अच्छा धर्म ये भ्रम क्यों?

Image
इंसानो द्वारा अलग अलग कई धर्मो का उदय कराकर अवतार,मसीहा,पैगंबर और संदेश वाहक वगैरा जितने भी महान आत्मा ने अमन शांती कायम करने के लिये इस पृथ्वी में किसी इंसान की कोख से ही जन्म लिया है,उन्होने क्या सत्य ज्ञान दिया है इस पृथ्वी समेत सारे सृष्टी की रचना करने वाले के बारे में,कि उसके लिये इंसानो में जो अलग अलग धर्म उदय हुए हैं,उसमे से कौन से धर्म में सबका करम लिखने वाले मौजुद हैं,और कौन से धर्म के भक्त उसके सबसे करिब है,और साथ साथ कौन सा भक्त को उसके बताये हुए खास ऐसे एक ही खास नियम से विवाह और मिलन करनी चाहिए,जो नियम किसी धर्म में मौजुद है!जो नियम मुझे कोई धर्मगुरु बतला दे तो सायद मुझे ये समझ में आये कि अलग अलग जात और धर्म के शादी विवाह में मुश्किल राह अपने लिये खुद इंसानो ने बनाये हैं कि इंसान को बनाने वाले ने ही सुरु से ही बनाया है कि ये अलग अलग धर्म और जात के लोग शादी विवाह नही कर सकते क्योंकि ये सृष्टी संचालन नियम के खिलाफ है!मेरे ख्याल से सृष्टी की रचना करने वाले ने इस पृथ्वी के तमाम नर नारी को बिना भेदभाव करने वाली एक ही मिलन प्रणाली प्रदान की है,अपना वंश वृक्ष बढ़ाने को एक ह...