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स्मार्ट सिटी और बीपीएल भारत के बजाय क्यों नही गरिबी भुखमरी मुक्त संतुलित समृद्धी?

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"वर्तमान सरकार की पिछले तीन सालो की विकाश सफर वैसा ही है जैसे की किसी घर में गरिबी और भुखमरी कुपोषन से मौत का मातम छाया हो और परिवार का मुखिया उस गरिबी और भुखमरी कुपोषन से होनेवाली मौत को रोकने अथवा दुर करने के लिए सुट बुट लगाकर देश विदेश में घुम घुमकर चावल दाल लाने के बहाने खुद भी प्रयटन कर रहा हो और अपने साथ साथ तमाम उन लोगो को भी प्रयटन करा रहा हो जिन मुठिभर लोगो की गरिबी और भुखमरी से मौत का रिस्ता कभी न हो रहा हो!मैं तो सिधे तौर पर अबतक तीन सालो में बल्कि सत्तर सालो में गरिबी और भुखमरी से मरने वाले तमाम नागरिको में जो भी इस समृद्ध सोने की चिड़ियाँ के मालिक थे और देश का मुखिया बन सकते थे,उनके मरने पर सिधे अपनी कड़वी भड़ास निकाल सकता हुँ कि इन तमाम मौतो के लिए मुठिभर वे लोग जिम्मेवार हैं जिनके हाथो में देश के केन्द्रीय उच्च अधिकारी पद और केन्द्र मंत्री पद समेत लोकतंत्र के चारो प्रमुख स्तंभो के उच्च नेतृत्व पद भी कहीं न कहीं जिम्मेवार हैं!जिन तमाम पदो के लिए उच्च डिग्री और सारी हुनर गरिबी भुखमरी से होनेवाली हर रोज होनेवाली मौत को अबतक अजादी के सत्तर सालो में भी रोक न  पाने के...

विश्वगुरु और सोने की चिड़ियाँ कहलाने वाला इस देश को छुवा छुत शोषन अत्याचार और गरिबी भुखमरी से कब मिलेगी अजादी

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विश्वगुरु और सोने की चिड़ियाँ कहलाने वाला इस देश को छुवा छुत शोषन अत्याचार और गरिबी भुखमरी से कब मिलेगी अजादी "वर्तमान सरकार की पिछले तीन सालो की विकाश सफर वैसा ही है जैसे की किसी घर में गरिबी और भुखमरी कुपोषन से मौत का मातम छाया हो और परिवार का मुखिया उस गरिबी और भुखमरी कुपोषन से होनेवाली मौत को रोकने अथवा दुर करने के लिए सुट बुट लगाकर देश विदेश में घुम घुमकर चावल दाल लाने के बहाने खुद भी प्रयटन कर रहा हो और अपने साथ साथ तमाम उन लोगो को भी प्रयटन करा रहा हो जिन मुठिभर लोगो की गरिबी और भुखमरी से मौत का रिस्ता कभी न हो रहा हो!मैं तो सिधे तौर पर अबतक तीन सालो में बल्कि सत्तर सालो में गरिबी और भुखमरी से मरने वाले तमाम नागरिको में जो भी इस समृद्ध सोने की चिड़ियाँ के मालिक थे और देश का मुखिया बन सकते थे,उनके मरने पर सिधे अपनी कड़वी भड़ास निकाल सकता हुँ कि इन तमाम मौतो के लिए मुठिभर वे लोग जिम्मेवार हैं जिनके हाथो में देश के केन्द्रीय उच्च अधिकारी पद और केन्द्र मंत्री पद समेत लोकतंत्र के चारो प्रमुख स्तंभो के उच्च नेतृत्व पद भी कहीं न कहीं जिम्मेवार हैं!जिन तमाम पदो के लिए...

विकाश का पैमाना डॉलर और रुपये की मोल है तो फिर अजादी के समय एक डॉलर और एक रुपये का मुल्य बराबर थी,जिसके हिसाब से हम पिच्छे जा रहे हैं की आगे?

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 "वर्तमान सरकार की पिछले तीन सालो की विकाश सफर वैसा ही है जैसे की किसी घर में गरिबी और भुखमरी कुपोषन से मौत का मातम छाया हो और परिवार का मुखिया उस गरिबी और भुखमरी कुपोषन से होनेवाली मौत को रोकने अथवा दुर करने के लिए सुट बुट लगाकर देश विदेश में घुम घुमकर चावल दाल लाने के बहाने खुद भी प्रयटन कर रहा हो और अपने साथ साथ तमाम उन लोगो को भी प्रयटन करा रहा हो जिन मुठिभर लोगो की गरिबी और भुखमरी से मौत का रिस्ता कभी न हो रहा हो!मैं तो सिधे तौर पर अबतक तीन सालो में बल्कि सत्तर सालो में गरिबी और भुखमरी से मरने वाले तमाम नागरिको में जो भी इस समृद्ध सोने की चिड़ियाँ के मालिक थे और देश का मुखिया बन सकते थे,उनके मरने पर सिधे अपनी कड़वी भड़ास निकाल सकता हुँ कि इन तमाम मौतो के लिए मुठिभर वे लोग जिम्मेवार हैं जिनके हाथो में देश के केन्द्रीय उच्च अधिकारी पद और केन्द्र मंत्री पद समेत लोकतंत्र के चारो प्रमुख स्तंभो के उच्च नेतृत्व पद भी कहीं न कहीं जिम्मेवार हैं!जिन तमाम पदो के लिए उच्च डिग्री और सारी हुनर गरिबी भुखमरी से होनेवाली हर रोज होनेवाली मौत को अबतक अजादी के सत्तर सालो में भी रोक न  पा...

बहुसंख्यक जनता मालिक को रोजगार और खाने पिने की अन्न जल नही मुठीभर के लिए स्मार्ट सिटी बसाकर सबके अच्छे दिन लाने की नही बल्कि भेदभाव अपडेट करने की तैयारी हो रही है

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"वर्तमान सरकार की पिछले तीन सालो की विकाश सफर वैसा ही है जैसे की किसी घर में गरिबी और भुखमरी कुपोषन से मौत का मातम छाया हो और परिवार का मुखिया उस गरिबी और भुखमरी कुपोषन से होनेवाली मौत को रोकने अथवा दुर करने के लिए सुट बुट लगाकर देश विदेश में घुम घुमकर चावल दाल लाने के बहाने खुद भी प्रयटन कर रहा हो और अपने साथ साथ तमाम उन लोगो को भी प्रयटन करा रहा हो जिन मुठिभर लोगो की गरिबी और भुखमरी से मौत का रिस्ता कभी न हो रहा हो!मैं तो सिधे तौर पर अबतक तीन सालो में बल्कि सत्तर सालो में गरिबी और भुखमरी से मरने वाले तमाम नागरिको में जो भी इस समृद्ध सोने की चिड़ियाँ के मालिक थे और देश का मुखिया बन सकते थे,उनके मरने पर सिधे अपनी कड़वी भड़ास निकाल सकता हुँ कि इन तमाम मौतो के लिए मुठिभर वे लोग जिम्मेवार हैं जिनके हाथो में देश के केन्द्रीय उच्च अधिकारी पद और केन्द्र मंत्री पद समेत लोकतंत्र के चारो प्रमुख स्तंभो के उच्च नेतृत्व पद भी कहीं न कहीं जिम्मेवार हैं!जिन तमाम पदो के लिए उच्च डिग्री और सारी हुनर गरिबी भुखमरी से होनेवाली हर रोज होनेवाली मौत को अबतक अजादी के सत्तर सालो में भी रोक न  पाने के...

देश में हजारो करोड़ की कर्ज लेकर माफी और छुट कराकर विदेशो में जाकर घी पीना

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लाल बहादुर शास्त्री द्वारा जय जवान जय किसान का नारा दिया गया था,जिसके बारे में 2014 के लोकसभा चुनाव में ये कहा गया कि कांग्रेस सरकार में मर जवान मर किसान बुरे हालात पैदा हो गयी है,जिससे की हर रोज किसान और जवानो की मौत हो रही है!जिसकी चर्चा करते हुए ये प्रचार प्रसार किया गया कि कांग्रेस के द्वारा दीये गए बुरे हालात को बदलकर किसान और जवान के साथ साथ पुरे देश के लिए अच्छे दिन लायेगी यदि भाजपा चुनाव जीतकर केन्द्र में सरकार बनाती है!साथ ही यह भी कहा गया था कि कांग्रेस ने जो 60 सालो में देश की बुरे हालात पैदा कर दी है,जो अजादी से लेकर 60 सालो तक शासन करने के बाद भी अच्छे दिन नही ला सकी है, उसे भाजपा 60 महिने में ही बदलकर अच्छे दिन ला देगी देश और प्रजा के लिए!जिसके द्वारा किये गए वादो और इरादो के बारे में जानकर कुल मिलाकर मेरी और देश के साथ साथ ज्यादेतर विश्लेशको की नजर में भी न तो कांग्रेस की 60 साल शासन करने के बाद गरिबी भुखमरी दुर हुई है,और न ही भाजपा की 60 महिना साईनिंग इंडिया शासन करने के बाद गरिबी भुखमरी मिटी है!रही बात डीजिटल इंडिया शासन की तो उसके भी 37 महिना गरिबी भुखमरी में ही ग...

जवान जय किसान के बारे में 2014 की लोकसभा चुनाव में मर जवान मर किसान कहा गया था,अब सभी किसानो के अच्छे दिन आ गए हैं क्या?

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 लाल बहादुर शास्त्री द्वारा जय जवान जय किसान का नारा दिया गया था,जिसके बारे में 2014 के लोकसभा चुनाव में ये कहा गया कि कांग्रेस सरकार में मर जवान मर किसान बुरे हालात पैदा हो गयी है,जिससे की हर रोज किसान और जवानो की मौत हो रही है!जिसकी चर्चा करते हुए ये प्रचार प्रसार किया गया कि कांग्रेस के द्वारा दीये गए बुरे हालात को बदलकर किसान और जवान के साथ साथ पुरे देश के लिए अच्छे दिन लायेगी यदि भाजपा चुनाव जीतकर केन्द्र में सरकार बनाती है!साथ ही यह भी कहा गया था कि कांग्रेस ने जो 60 सालो में देश की बुरे हालात पैदा कर दी है,जो अजादी से लेकर 60 सालो तक शासन करने के बाद भी अच्छे दिन नही ला सकी है, उसे भाजपा 60 महिने में ही बदलकर अच्छे दिन ला देगी देश और प्रजा के लिए!जिसके द्वारा किये गए वादो और इरादो के बारे में जानकर कुल मिलाकर मेरी और देश के साथ साथ ज्यादेतर विश्लेशको की नजर में भी न तो कांग्रेस की 60 साल शासन करने के बाद गरिबी भुखमरी दुर हुई है,और न ही भाजपा की 60 महिना साईनिंग इंडिया शासन करने के बाद गरिबी भुखमरी मिटी है!रही बात डीजिटल इंडिया शासन की तो उसके भी 37 महिना गरिबी भुखमरी में...

चुनाव से पहले की कथनी चुनाव के बाद करनी में बदली क्या?

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 वर्तमान की भाजपा सरकार की भाषा में सबके अच्छे दिन आ गए हैं!जिसके बारे में सत्य जानने के लिये भाजपा सरकार बनने से पहले दिये गये भाषनो और अश्वासनो को पहले हम अच्छी तरह से जान ले की तब की कथनी अब की करनी में परिवर्तन हुई भी की सिर्फ आज भी वही का वही प्रजा की बदहाल जिवन चल रही है? जिसे जानने के लिये चलिये चलते हैं उस राज्य में तब की बदहाल जिवन के बारे में ही दिये गये भाषनो और अश्वासनो को पढ़ने जो लोकसभा चुनाव प्रचार के समय दी गयी थी वर्तमान के प्रधान सेवक के द्वारा झारखंड की राजधानी रांची के प्रभातारा मैदान में!जो की उस एच०ई०सी० कारखाना परिसर में मौजुद है जिसकी बदहाली के बारे में भी लिखुंगा जहाँ पर प्रथम प्रधान मंत्री ने आधुनिक भारत की जो निंव रखा था वह बिमार हो गयी उद्योग से अब डीजिटल इंडिया की सरकारआने से उभर पायी है कि नही वहाँ के रिटायर कर्मचारियो की जिवन और वहाँ की प्रजा की जिवन जहाँ पर इतिहास में पहली बार भारी वर्षा के बावजुद भी मानो जान बुझकर सजा दोने के लिये  सप्ताह में तीन दिन छोड़ छोड़कर किस तरह से पानी पिलाई गयी है उसके बारे में भी कभी बतलाउँगा प्रजा द्वारा अपने कु...