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अमिरो को पिटते समय मानो पैंट में मुतते हैं , इसलिए सिर्फ उन्हे गरिब ही लापरवाह लोग दिखते हैं

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  अमिरो को पिटते समय मानो पैंट में मुतते हैं , इसलिए सिर्फ उन्हे गरिब ही लापरवाह लोग दिखते हैं प्रजा सुरक्षा के नाम से पिट पिटकर लहु लुहान करने वाले भक्षको को अगर इतना ही सबकी सुरक्षा की चिंता है , तो जिस तरह मंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति और उच्च अधिकारियो को सरकारी ढाल कवच सुरक्षा मिलती है , जिसमे डॉक्टर और आपातकाल वाहन भी हर समय उनके द्वारा बाहर आते जाते समय भी मौजुद रहती है , वैसी सुरक्षा लहु लुहान होने वाले प्रजा को भी दिया जाय , फिर कभी यह सिकायत करना की कोरोना से होनेवाली मौते सिर्फ लापरवाही से हो रही है | क्योंकि कहीं पर पढ़ रहा था कि लापरवाह लोग कोरोना से मारे जाएंगे और मास्क लगाने , लॉकडाउन का कड़ाई से पालन करने वाले लोग बच जाएंगे कहकर कई लोगो की खुन भरी पिटाई हो रही है | मानो कोरोना के नाम से गुलामी की ऐसी झांकी देखने को मिल रही है , जिसमे गुलाम करने वाले कोरोना जैसे लोग जो कि पहले किसी महामारी से भी खतरनाक गुलामी देकर अपनी प्रजा की सुरक्षा करने के लिए कोर्ट कचहरी न्याय और रक्षक प्रणाली बनाकर उनके जरिये प्रजा की पिटाई करके सेवा सुरक्षा और न्याय करने का कार्य कर र...

निच जाति की नारी से संभोग करते समय छुवाछूत उनके पिछवाड़े में घुस जाता है

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निच जाति की नारी से संभोग करते समय छुवाछूत उनके पिछवाड़े में घुस जाता है  इस देश के समाज परिवार में मनुवादि सिर्फ अपनी झुठी शान कायम करने के लिए मुलनिवासियो के साथ छुवाछूत करते हैं | क्योंकि उन्होने इस देश को गुलाम बनाकर हजारो सालो तक मनुवादि शासन कायम किया है | जैसे कि गोरो ने दो सौ सालो तक इस देश को गुलाम बनाकर शासन किया है | दोनो ही विदेशी मुल के थे , और दोनो का ही भेदभाव इतिहास दर्ज है | गोरे अंग्रेज गेट के बाहर बोर्ड में यह लिखते थे कि अंदर कुत्तो और इंडियनो का प्रवेश मना है , और मनुवादि यह लिखते आ रहे हैं कि अंदर निच जाति का प्रवेश मना है | हलांकि जैसा कि सुरु में ही बतलाया कि निच जाति की नारी से संभोग करते समय उनका छुवाछूत उनके पिछवाड़े में घुस जाता है | क्योंकि शरिर से छुवाछूत करने वाले मनुवादि शरिर से लिपटकर संभोग करते समय छुवाछूत नही करते हैं | अगर संभोग करते समय छुवाछूत करते तो वे कभी भी इस देश के मुलनिवासि नारी से संभोग नही करते | फिर तो इस देश में मनुवादियो का वंशवृक्ष आगे बड़ता ही नही और डायनासोर की तरह लुप्त हो जाते | पर चूँकि उन्होने इस देश की नारी से संभोग करके अपन...

आखिर क्यों कोरोना बच्चे बुढ़े जवान नर नारी सबको अपना शिकार बना रहा है

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  आखिर क्यों कोरोना बच्चे बुढ़े जवान नर नारी सबको अपना शिकार बना रहा है ? पुरी दुनियाँ में कोरोना फैलने से पहले पुरी दुनियाँ से पाप का सम्राज्य समाप्त करने की भिड़ जुटने का दौर इतना तेजी से फैल रहा था कि यदि और कुछ समय उसी तरह एकजुटता देखने को मिलती तो निश्चित तौर पर पहले तो इस देश से पाप का सम्राज्य को किसी खरपतवार की तरह उखाड़कर फैंका जाता , उसके बाद इस देश में पुर्ण आजादी न्याय कायम होने के बाद पुरी दुनियाँ में भी बाकि देशो के उन लोगो को पुर्ण आजादी न्याय मिलने सुरु हो जाते जिन्हे भी अबतक पुर्ण आजादी जिवन जिने का अवसर नही मिल पाया है , और आज भी वे धन संपदाओ से संपन्न देश का मुलनिवासि होते हुए भी गरिबी भुखमरी जिवन जिने को मजबूर हैं | क्योंकि उनके देशो में भी गुलाम करने वाले पापियो का गैंग अब भी जोंक की तरह चिपककर उनका खुन चुसने में लगा हुआ है | और खुन चुसने का ये भ्रष्ट संस्कार हजारो सालो से उन लोगो के परिवारो में बांटा जाता रहा है , जिनके लिए विकाश का मतलब मुठीभर आबादी के पास सारी धन संपदा हो , और बहुसंख्यक आबादी सिर्फ किसी तरह जिन्दा रहे ताकि मुठीभर आबादी की गुलामी कर सके | जो ...

भारत माता शेर में सवार होकर शेर से अपने बच्चो की सुरक्षा करा रही है कि भक्षण करा रही है

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भारत माता शेर में सवार होकर शेर से अपने बच्चो की सुरक्षा करा रही है कि भक्षण करा रही है ? इस देश की मातृभूमि शेर पर नही बल्कि नंदी पर सवार होकर खुदको कृषि प्रधान देश घोषित किया है | जिस मातृभूमि की रक्षक और सेवक कबिलई शिकारी शेर को बनाने का परंपरा तब से सुरु हुआ है , जबसे इस देश में कबिलई हमलावरो का प्रवेश होकर इस मातृभूमि में कबिलई लुटेरो का भी वंशृक्ष बड़ना सुरु हुआ है | जिनमे सबसे पहला कबिलई हमलावर मनुवादि का वंशवृक्ष सबसे प्रमुख है | जिसके द्वारा इस देश में सत्ता कायम करने के बाद ही इस कृषि प्रधान देश में शेर को राजा और रक्षक बनाने की परंपरा सुरु किया गया है | जबकि शिकारी शेर दुसरो की बोटी नोचकर पलनेवाला वह प्राणी है , जिसे सेवक राजा बनाना तो दूर कोई अपना रक्षक भी नही बनाएगा , बजाय इसके कि यदि शेर किसी ग्राम मोहल्ला या शहर में गलती से भी यदि आ जाय तो उसे शेर राजा आया है , उसकी चरण धोकर गद्दी में बैठाओ कहने के बजाय उसे मार पीटकर भगाओ कहना ज्यादे पसंद करेंगे | न कि शेर जंगल का राजा है जो जंगल की प्रजा की सेवा करता है सिर्फ इस गलतफेमी में रहकर लोग शेर का स्वागत करेंगे | क्योंकि असल जि...

बहुत से लोग अधुरी बात कर रहे हैं की वर्तमान का प्रधानमंत्री देश को बेच रहा है

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  बहुत से लोग अधुरी बात कर रहे हैं की वर्तमान का प्रधानमंत्री देश को बेच रहा है दरसल मैं बहुत दिनो के बाद आज यह पोस्ट एक गाना youtube में देखकर लिख रहा हूँ | वैसे तो हर समय कुछ न कुछ लिखता रहता हूँ , पर उसे मैं सभी को नही डालता हूँ , क्योंकि जो पहले से ही डला हुआ है , उसे ही पढ़ने वालो का इंतजार है तो बाकि को डालकर क्या गूगल को पढ़ाता रहूँगा , जिसके पास पहले से ही दुनियाँ की सबसे अधिक लेखन मौजुद है | लेकिन आज का लिखा पोस्ट को डाल इसलिए रहा हूँ , क्योंकि अली बाबा चलीस चोर की पुरी गैंग चोरी और लुट में दिन रात लगी हुई है , और चोरी के बारे में यह प्रचार प्रसार किया जा रहा है कि सिर्फ एक चोर पुरे देश को बेच रहा है | हलांकि जिस तरह किसी विद्वान ने बहुत सोच समझकर भी यह अधुरी बात कही है कि " जिस देश का राजा हो व्यापारी ( विक्रेता ) वहाँ की प्रजा हो जाती है भिखारी ! " उसी तरह आज भी बहुत से लोग सोच समझकर ही यह अधुरी बात कह रहे हैं की वर्तमान का चाय बेचनेवाला प्रधानमंत्री देश को बेच रहा है | क्योंकि सिर्फ एक व्यक्ती इस समय पुरा देश बेचकर मालामाल हो रहा है , यह कहना वैसा हि है जैसे कि...

जब देशी सरकार निकमी हो तो विदेशी प्यार मिलना स्वभाविक है

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आज youtube में एक विडियो देखकर मैने यह टिप्पणी की " जब देशी सरकार निकमी हो तो विदेशी प्यार मिलना स्वभाविक है ! अजादी के इतने साल बाद भी जनता मालिक अन्न जल के अभाव में भुखमरी से मर रहा हो और फुटपाथ में ठंड से ठिठुरकर मर रहा हो , वह भी सोने की चिड़िया कहलाने वाले इस समृद्ध देश में इसी को तो जिस राज का राजा या सरकार की सोच हो व्यापारी वहाँ की प्रजा हो जाती है भिखारी कहा जाता है | वह भी वैसा भिखारी जो उस सोने की चिड़िया का मालिक है जिसकी धन दौलत से हजारो सालो से न जाने कितने लुटेरे कबिलई पले और पल रहे हैं | "

बिहार में झारखंड की तरह, कांग्रेस की सहयोगी सरकार का मुख्य कारण

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बिहार में झारखंड की तरह, कांग्रेस की सहयोगी सरकार का मुख्य कारण झारखंड में भाजपा को हराकर जिस तरह की कांग्रेस सहयोगी वाली सरकार बनी है , उसी तरह बिहार में भी भाजपा को हराकर कांग्रेस सहयोगी वाली सरकार बनने वाली है | जिस तरह की सरकार बनाने की सुझ बुझ दरसल मनुवादी सत्ता का दीया बुझने से पहले फिर से वही पुरीनी नीति के तहत मनुवादीयों की ही विशेष सोच से बनने वाली है | जिस नीति के अनुसार सभी राज्यो में जो भी क्षेत्रीय पार्टी कांग्रेस भाजपा को खास टक्कर दे सकती है , उसका सहयोग करके या सहयोग लेकर चुनाव लड़ने के बाद राज्य की सत्ता उसके हाथ दिलाकर उसे मानो देशी दारु पिलाकर सुला दो  | उसके बाद उसके सहयोग से ही लोकसभा चुनाव जीतकर केन्द्र में बैठकर मनुवादी सत्ता को वापस बरकरार रखकर शोषित पीड़ितो के बुरे हालात को बरकरार रखते हुए देश में राज करते रहो , और मुठीभर अबादी भोग विलाश करते रहो | इस तरह कांग्रेस भाजपा के सहयोग से बनने वाली सरकार से न तो बिहार झारखंड या किसी अन्य राज्यो में बहुत बड़ा क्रांतीकारी बदलाव होनेवाले हैं , और न ही देश में बहुत बड़ा बदलाव होने वाले हैं | क्योंकि सहयोग लेने या सहयो...