करोड़ो लोगो के लिए रहने को घर नही और बड़े बड़े देवालय और शौचालय बनाने पर खुब ध्यान दी जा रही है !

करोड़ो लोगो के लिए रहने को घर नही और बड़े बड़े देवालय और शौचालय बनाने पर खुब ध्यान दी जा रही है !
बेघर फुटपाथ


पहले से ही लाखो मंदिर मौजुद हैं , और उनमे धन का भंडार भी मौजुद है , लेकिन फिर भी एक और ऐसा मंदिर का निर्माण होगा जिसमे बोरी भर भरकर धन खर्च होंगे , बल्कि बनने से पहले भी हो चुके हैं , क्योंकि बेघरो के लिए घर से ज्यादा जरुरी ऐसा मंदिर बनना सरकार और कोर्ट के लिए भी ज्यादा जरुरी है! जरुरी होते तो अबतक करोड़ो लोग बेघर जिवन जिने को मजबूर नही होते बल्कि उनके लिए भी घर मौजुद होता भले प्रधान सेवक और उच्च अधिकारियो की तरह बड़े बड़े बंगले नही होते पर फुटपाथो में तो सोने को मजबूर नही सोते ! लेकिन करोड़ो देवी देवता जो मर चूके हैं उनके लिए तो घर की तो आवश्यकता कोर्ट और सरकार को है पर जिवित लोगो के लिए नही है | जिनको खुले में जिवन गुजारा और खुले में मरते हुए सरकार और कोर्ट भी अबतक देखती ही तो आ रही है | करोड़ो लोगो के लिए रहने को घर नही और बड़े बड़े देवालय और शौचालय बनाने पर खुब ध्यान दी जा रही है !

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